Saturday, October 16, 2010

न मेरा कुछ था , न कुछ जैसे अब मिल पायेगा
गर कुछ हैसियत है, तो है  इन यारों की दोस्ती !!

कहाँ भाई संभालेगा और क्या समझा पाएगी वो बहन
अब मुझे अपनाने वाली हमदर्दी है , इन यारों की दोस्ती !!

शायद अब तक खुदा मुझसे सिर्फ छीन ही रहा था
पहली बार इक अनमोल तोहफे में मिली , इन यारों की दोस्ती !!

इतने अरसे से जो दिल में  "मैं" की तन्हाई थी
अब वहीं  "हम" का जज़्बा है , इन यारों की दोस्ती !!

कितनी शराफतों की हिदायत दे दुनिया वाले  मगर
इक अटूट पागलपन का ख़ुमार है , इन यारों की दोस्ती !!

तुम चाहे करो हज़ारों खर्च अपनी आशिक़ी के लिए
मेरे लिए वो " दस रूपए उधार " है , इन यारों की दोस्ती !!

किताबों के चंद पन्नो से ज़िन्दगी बनाना तो सीख लिया
पर ज़िन्दगी "जीने" का असली मक़ाम है , इन यारों की दोस्ती !!

अब से कुछ फरमाइश नहीं रहेगी तुझसे मेरे खुदा
बस मेरे जहाँ में हरदम महफूज़ रहे , इन यारों की दोस्ती !!

14 comments:

  1. kya baat hai bhai ......pelum ek dum.......

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  2. kya bolu... bhai... hamesha ki tarah..."SHAANDAR"...

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  3. sahi ja rha hai yaar.....like it...keep up d good wrk!!!

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  4. gud1!!!!....keep it up.

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  5. Bhai shaandar..
    senti kar diya ekdun:)

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  6. kay baat hai bhai....
    shaandar.....emotions jaga dale.....:)

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  7. As i say.....
    "Andha"

    n loved d line "मेरे लिए वो " दस रूपए उधार " है , इन यारों की दोस्ती !!"

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  8. awsm heart touching lines......
    अब से कुछ फरमाइश नहीं रहेगी तुझसे मेरे खुदा
    बस मेरे जहाँ में हरदम महफूज़ रहे , इन यारों की दोस्ती !!
    i loved these line.....

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